पर्यावरण सुरक्षा से ही सम्भव है प्राणी मात्र की सुरक्षा

 पर्यावरण सुरक्षा से ही सम्भव है प्राणी मात्र की सुरक्षा


                                                 डॉ. साधना गुप्ता

                                                   

    प्रकृति है तो हम हैं, इसलिए यह जरूरी हो जाता है कि हम पैड़-पौधे, वनस्पति, जंगल, नदियाँ, झील, जमीन , पहाड़ इत्यादि सभी चर-अचर की हमारे जीवन में अनिवार्यता-आवश्यकता को समझें। इस हेतु वैश्विक स्तर पर पर्यावरण की सुरक्षा-संरक्षण तथा पर्यावरण के प्रति राजनैतिक-सामाजिक स्तर पर जागृति लाने के लिए संयुक्त राष्ट्र ने सन् 1972 में पर्यावरण दिवस मनाने का सुझाव रखा था। जिसके क्रियान्वयन स्वरूप पर्यावरणीय समस्याओं पर संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा इसी वर्ष 5 जून से 16 जून तक स्टॉकहोम (स्वीडन) में आयोजित विश्व  सम्मेलन में चर्चा के बाद 15 दिसम्बर को प्रस्ताव के तहत प्रत्येक वर्ष 5 जून को सम्पूर्ण विश्व में विश्व पर्यावपर्यावरणरण दिवस मनाने का निर्णय लिया गया और इसका आधिकारिक नाम ''संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यावरण दिवस" रखा गया। यह इको डे, वर्ल्ड एनवायरमेंट डे (WED) नाम  से भी पुकारा जाता है। सर्वप्रथम 5 जून 1974 को पहला विश्व पर्यावरण दिवस संयुक्त राज्य अमेरिका में "केवल एक दुनिया" थीम को लेकर आयोजित किया गया। तभी से सम्पूर्ण विश्व को पर्यावरण की सुरक्षा करना क्यों आवश्यक है? यह समझाने हेतु विश्व स्तर पर इसका आयोजन किया जाता है। सन्  1987 में इसके केंद्र को बदलते रहने के सुझाव के क्रियान्वयन स्वरूप प्रत्येक वर्ष भिन्न-भिन्न देशों में आयोजित किया जाता है। 143 से अधिक देश इसमें शामिल होते हैं तथा कई सरकारी, सामाजिक, व्यावसायिक संगठन और लोग मिलकर पर्यावरण संरक्षण पर विचार विमर्श करते हैं। प्रत्येक वर्ष इसकी थीम अलग होती है। यह  संयुक्त राष्ट्र द्वारा संचालित विश्व का सबसे बड़ा वार्षिक आयोजन है जो सम्पूर्ण विश्व में मनाया जाता है।

उद्देश्य- यह दिवस प्रकृति की रक्षा के लिए सम्पूर्ण विश्व का पर्यावरण सुरक्षा की ओर ध्यान आकृष्ट करवाते  हुए स्वच्छ पर्यावरण के लिए  जागरूक एवं सचेत करने का प्रयास करता है। मानव को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करने, पर्यावरण सुधार की चुनौती से मुकाबला करने और पर्यावरण की वृद्धि के लिए एक बुनियादी सामान्य दृष्टिकोण विकसित करने का उद्देश्य लेकर पर्यावरण सुरक्षा एवं सम्वर्द्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जिससे सम्पूर्ण विश्व एकजुट होकर इन चुनौतियों को हल करने का प्रयास कर सके। 


समाधान- विश्व पर्यावरण दिवस पर्यावरण संरक्षण के समाधान के लिए प्रत्येक व्यक्ति से निम्न संकल्प करने की अपील करता है - 

1. प्रत्येक व्यक्ति प्रतिवर्ष एक पौधा अवश्य  लगाकर उसे सम्भालते हुए वनस्पति सहेजने, संरक्षित करने में      भागीदारी सुनिश्चित करे। 

2.जल संसाधनों यथा कुँए, बावड़ी, तालाब, पोखर, नदी इत्यादि को प्रदूषित न करे और इनका दुरुपयोग भी नहीं करे। 

3. बिजली के उपकरणों को आवश्यकता के बाद बन्द कर दे, दुरुपयोग न करे। यथा सम्भव प्राकृतिक वातावरण में रहने का प्रयत्न करे। 

4. स्वच्छता का हमेशा ध्यान रखें। कूड़ा-कचरा डस्टबीन में ही डालें। नियत स्थान पर फैकें।

5. प्लास्टिक/पॉलिथीन का उपयोग पूर्णतः बन्द कर दें।कपड़े या कागज के बैग का प्रयोग करें।

6. जीवों के प्रति दया भाव रखते हुए मौसम के अनुसार उनकी सुविधाओं का ध्यान रखें। यथा-पक्षियों के लिए पानी रखें। 

7.ध्वनि प्रदूषण न करने, वायु प्रदूषण को रोकने हेतु वाहनों का अनावश्यक प्रयोग न करें। नजदीक के कार्यों के लिए पैदल या साइकिल से जाएं। 

8.शाकाहारी भोजन को अपनाये।

    इत्यादि उन सभी कार्यों को करने से रोकता है जो पर्यावरण के लिए हानिकारक है, जिससे मानव के संग पृथ्वी के प्रत्येक जीव का जीवन व स्वास्थ्य प्रभावित होता है। प्रत्येक व्यक्ति इन सभी बातों का स्वयं पालन करते हुए दूसरे व्यक्तियों को भी प्रेरित करे,- ऐसी अपेक्षा करता है।

     सन् 2020 के विश्व पर्यावरण दिवस की थीम थी- "जैव विविधता" जिसके लिए आवश्यक है धरती के पर्यावरण की रक्षा।  

   इस वर्ष 2021 का विश्व पर्यावरण दिवस 'पारिस्थितिक तंत्र बहाली' थीम पर पाकिस्तान में आयोजित किया जाने वाला है जिसमें पारिस्थितिक तंत्र बहाली' पर संयुक्त राष्ट्र के फैसले का शुभारंभ होगा। जिसकी सफलता के लिए प्रत्येक व्यक्ति को उपरोक्त वर्णित सात संकल्प लेने होंगे

   वस्तुतः यह वह आधार है जो जड़-चेतन को समान महत्व देते हुए सृष्टि के पांचों तत्वों (पृथ्वी, जल, पावक, गगन, समीर) के संरक्षण की बात करते हुए सभी को सुरक्षित, स्वच्छ और अधिक समृद्ध भविष्य का आनन्द लेने के लिये अपने आस-पास के परिवेश को सुरक्षित व स्वच्छ बनाने के लिए प्रोत्साहित करता है। मानव  जीवन का हर पहलू इनसे प्रभावित होता है। तो आइए देर क्यों? हम भी जीवन भर इन संकल्पों को निभाने की प्रतिज्ञा करते हैं।

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