शांकर - प्रश्नोत्तरी का जीवन दर्शन
शांकर -प्रश्नोत्तरी का जीवन दर्शन डॉ. साधना गुप्ता आद्य जगतगुरु शंकराचार्य ने हिंदू दर्शन किंवा वैदिक दर्शनशास्त्र के तत्ववाद, अद्वैत सिद्धांत को ही विशेष रूप से प्रतिष्ठित किया है और जीवन मुक्ति की अवस्था को ही मानव जीवन की सर्वोत्कृष्ट अवस्था घोषित किया है। विचार मात्र से सब कुछ कर सकने की सामर्थ्य से अधिक सामर्थ्य और हो भी क्या सकती है? वस्तुतः यही निष्ठा मानव जीवन के विकास की सर्वश्रेष्ठ अवस्था है और सर्वमान्य भी, क्योंकि यही वह सर्व कल्याणकारी, विश्व पोषक, मंगलकारी, प्रभावोत्पादक दृष्टि है -जिसके माध्यम से विश्व - पोषकता के रहस्य को हृदयस्थ किया जा सकता है। इस दूरदर्शिता को दृष्टिगत रखते हुए ही आचार्य शंकर न...